बंधनमुक्त चंद लड़ियां
वो खुशी में सुकून मिला वो दिल में धड़कन बसी वो आग में शीतल हवा वो मीराज में मंज़िल रही वो तृषा में तृप्ति तू ही वो जान में जीवन है वो प्रेम में प्रीत लगी प्रिय तुम्हीं देखो ना तारे वास्ते ही सारी चंद लड़ियां प्यार की जो चाहे चुनले राहबर आना है या जाना जो चाहे करले पसंद सबकुछ है तेरे लिए 🌹🌹🌹🌹