मोहब्बत
>>>>>>>>>>>>>>>><<<<<<<<<<<<<<<< मत तौल मेरी मोहब्बत को यूँ तराज़ू में मेरे मेहबूब, कहीं ये ना हो जाए कि पलडा़ मेरा भारी हो जाएँ। >>>>>>>>>>>>>>>><<<<<<<<<<<<<<<< मुहब्बत तो खुदा की इबादत है सनम, यूँ नाप तौल में उसकी तोहमत ना कर। >>>>>>>>>>>>>>><<<<<<<<<<<<<<<<< हिसाब करनेवाले क्या जानें मोहब्बत की अहमियत, मेरे सनम कितनी नेमतों से मिला खुदा का तोहफ़ा है। >>>>>>>>>>>>>>>><<<<<<<<<<<<<<<< हम तो आपकी मोहब्बत में खुद को भूला बेठे, और आप उस मोहब्बत का हिसाब लगा बेठे। >>>>>>>>>>>>>>>><<<<<<<<<<<<<<<...