प्राचीन भारतीय आर्य भाषा की विशेषताएं
प्राचीन भारतीय आर्य भाषा की विशेषताएं : * प्राचीन आर्य भाषा में 13 स्वर ध्वनियाँ थी। जिसमे 9 स्वर थे – अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ॠ, लृ * चार संध्य स्वर थे – ए, ऐ, ओ, औ * ‘ऐ’ और ‘औ’ का उच्चारण क्रमशः ‘आई’ एवं ‘आउ’ होता था। * व्यंजनों के पांच वर्ग बन चुके थे – 1) क वर्ग 2) च वर्ग 3) ट वर्ग 4) त वर्ग 5) प वर्ग * इसके अतिरिक्त चार अर्ध स्वर – [ य, र, ल, व ] एवं तीन उष्म – श, ष, स तथा एक महाप्राण ‘ह’ ध्वनियाँ थी। * एक अनुनासिक (ं) एवं एक विसर्ग (ः) भी था। शब्दों के रूप, लिंग (तीन), वचन (तीन) एवं कारक (आठ) के आधार पर बनते थे। * विशेषण संज्ञा के समान ही परिवर्तित होते थे। सर्वनामों के रूप मे...