यादें

जानेवाले नहीं आते लौटकर,
उनकी याद आती है रह-रहकर
कुछ मीठी यादें कुछ खट्टी बातें
कर जाती है कुछ आंखें नम
जैसे दिन सुना सा लगता है,
रात खामोश कर जाती है
कुछ दिल हिचकोले ले रहा,
उनकी प्यारी यादों में खो कर 
वापस कहां से लाएं हजूर
ये तो ऊपरवाले का बुलावा है
सिर्फ यादें बची पड़ी संदूक में
अब गुजारा कर लेना यादों से

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