क्या कर पाओगे!!
क्या उठा ले जावोगे यहां से
क्या छुपा पावोगे हमे जहां से
क्या हिफाजत करोगे फिजा से
क्या ईमान बचा पावोगे जग से
क्या बचावोगे उलझनों से
क्या उबारोगे मुश्किलों से
क्या मिलावोगे मुक्ति की चाह से
क्या शांति दिलावोगे जहां से
क्या साँसो को बचावोगे गन्दगी से
क्या जिलावोगे हमें पाकीजगी से
अब न है कोई गीला जिंदगी से
अब न है मिलना जिंदगी से
क्या जिम्मेदारी को निभावोगे हर अदा से
🤔
- वृषाली सानप काले
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