जरुरी है
जिंदगी को जीने के लिए,
एक मुलाक़ात जरुरी है..।।
ताजगी को निभाने के लिए
अब महकियात जरुरी है..।।
बंदगी को जताने के लिए
अश्क़ो की बरसात जरुरी है..।।
सादगी को बताने के लिए
प्रीत के सादे अल्फाज़ जरुरी है.।।
पाकीजगी के खाते के लिए
अब इबादत ही जरुरी है..।।
आवारगी को मिटाने के लिए
अब तहकीकात जरुरी है...।।
दोस्ती को निभाने के लिए
अब थोड़ी मोहोब्बत जरुरी है..।।
आशक़ी में मरने के लिए
अब चाहत की अदावत जरुरी है..।।
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- वृषाली सानप काले
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