साथी

कुछ तो मजबूरियाँ है जीवन में साथी,

तेरी जुदाई से प्यार किस को है जाना
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तेरे दिल में रहेंगे, एक याद बनकर
तेरे लब पे सजेंगे, मुस्कान बनकर 

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कभी मुझे अपने से, जुदा मत समझना 
तेरे साथ चलेंगे, आसमान बनकर

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'अनजान मुसाफ़िर' 

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