अग्निपंख
महासत्तांक बनेगी जो इंडिया
तब तुमको ही ढूंढेगी दुनिया..
अब ना खुलेगी तुम्हारी निंदिया
देख भारत बना तेरा बढ़िया...!!
मिसाईल मैन तुम्हारी हर खूबी
नसनस से वाकिफ दुनियाबखूबी
जब भी ये मुश्किल में हो डुबी
बस तुमको ही तो याद था किया
युवको की ताक़त तेरे अग्निपंख
सबकी हिम्मत तेरे इरादे बुलंद
नवनिर्माण पे तू ही था अडिग
हमने बस तुमको सलाम किया।
अंतिम क्षण तक न विश्राम किया
नाम भारत का ही रोशन किया
गर ज्ञानी तेरे ज्ञान कोमान दिया
कर्मयोगी ने विराम जो लिया
सारे जग को ही झुका दिया...।।
- वृषाली सानप काले
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