मुस्कुराते ज़ख्म
खंजर से चाहे छल्ली कर दो सिना मेरा,
मुस्कुराकर ज़ख्म सह लेंगे इश्क़ का।
मेरी रूह तुझ में ही सुकून पाती है,
अब तू ही बता कहां जाए ये लिए।
दूर रहकर भी तेरी चाहत की आश लिए,
जीते जी मर जाएंगे हो कर तुझसे जुदा।
जिंदा कर देता तेरी नज़र के जाम
तेरी एक मुस्कान पे वारू सारा जहां।
घायल मन पर मेरे लगाया है तूने,
प्यार का मरहम लगा किया जिंदा।
दिल पर राज करती है तेरी यादें,
मिलने की तेरी आश रखें है जिंदा।
************
- कौशल्या वाघेला
Comments
Post a Comment