श्याम का आना (ग़ज़ल)
¶ विधा - ग़ज़ल/गीतिका
¶ काफिया - आना
¶ रदीफ़ - बन गया
¶ काफिया - आना
¶ रदीफ़ - बन गया
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(श्याम को समर्पित भाव)
तेरे आने से सारा आलम, श्याम सुहाना बन गया,
तेरी सांवली सूरत देख, मेरा दिल दीवाना बन गया
तेरा मंद-मंद मुस्कुराना मेरा दिल हुआ चोरी बस,
तेरी जुबां से निकला हर लफ्ज़ इक तराना बन गया
तेरी सांवली सूरत देख, मेरा दिल दीवाना बन गया
तेरा मंद-मंद मुस्कुराना मेरा दिल हुआ चोरी बस,
तेरी जुबां से निकला हर लफ्ज़ इक तराना बन गया
तेरी नज़र का मिलाना, घायल हुआ मेरा दिल,
तेरा ये अंदाज कान्हा मेरे नयन छलकाना बन गया
तेरा ये अंदाज कान्हा मेरे नयन छलकाना बन गया
तेरा साँसें चलाना मेरे चित्त को महाकाये जाए है,
तेरा नाम गुनगुनाना श्याम मेरी धड़कन का फ़साना बन गया
तेरा नाम गुनगुनाना श्याम मेरी धड़कन का फ़साना बन गया
तेरी बाँसुरी सुनाना मेरे सोए भाग जाग जाए श्याम,
तेरी यादों का झिलमिलाना मुझे रुलाना बन गया
तेरी यादों का झिलमिलाना मुझे रुलाना बन गया
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- कौशल्या वाघेला
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