शर्त
कोई शर्त होती नहीं प्यार में
न प्यार शर्तों पे किया हमने...।।
कोई दर्द टिकता नहीं प्यार में
न दर्द से नाता जोड़ा था हमने..।
कभी सर्द हवा को छुवा यार ने
न मौसम से दिल लगाया हमने।
किसी मर्ज से दिल ही नहीं माने
दिल्लगी को न सजाया तुमने..।
चाहत में वफ़ा को ही पुजा हमने
क्यों शर्तों का इल्ज़ाम लगाया तुमने।
ईमान वफ़ा को ही अपनाया हमने
न टिकने की बद्दुआ कहा तुमने..??
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- वृषाली सानप काळे
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