अब तेरे....
न पालो सीने में गम
हाँ है हम तेरे सनम..
न जज्बात से हो नम
हर साँस से तेरे सनम..।।
लाख चाहा के दूर हो
पर देख इतने मजबूर हो..
कोशिश बेकार सब हो
माना तुम मेरे ही हो..।।
सारे तत्व आदर्श हारे
बेकार चाहत के मारे
ढूंढे बस तेरे सहारे
पहुंचे तेरे ही द्वारे..।।
थक हाथ ही जोड़े हम
अब हमे अपनाओ तुम..
तन मन से कुर्बान हम
काँधे दो अपने सजन...।।
- वृषाली सानप काळे
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