नयी सोच ... नयी कहानी
"नयी सोच ... नयी कहानी "
- Kailash Vaghela
- Kailash Vaghela
हम जब अपने आस पास होने वाली घटनाओ को देखते है तो हम उसे समजने के लिए सोचना शुरू करते है , की ये क्यों हुआ ? कैसे हुआ ? किसने किया ? ये सब सोचने लगते है .... इसके पीछे क्या कारण है? क्या हो सकता है ? ये सब हम सोचते है और सोचते सोचते हम इसके नतीजे तक पहुचने की कोशिश करते है और उसका समाधान क्या हो सकता है ये बात भी हम सोच लेते है .... ये ही तो ... यही हमारी कहानी बन जाती है .. इसे ही कहते है क्या सोचा और क्या किया जिसको जोड़ते-जोड़ते हम एक कहानी ही बना दिए ।
"नयी द्रष्टि... नयी सोच... नए तरीके और नयी कहानी ।"
Comments
Post a Comment